
1.पैन 2.0 परियोजना: सरकार ने पैन 2.0 परियोजना शुरू की है, जिसके तहत पैन कार्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाया जा रहा है। अब नए पैन कार्ड में क्यूआर कोड भी होगा, जो करदाता की जानकारी को तुरंत सत्यापित करने में मदद करेगा। यह प्रणाली पूरी तरह पेपरलेस होगी और सभी पैन सेवाओं को एक डिजिटल मंच पर लाया जाएगा। मौजूदा पैन धारकों को नया पैन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन वे मुफ्त में अपने विवरण को अपडेट कर सकते हैं।
2.आधार से लिंक करना अनिवार्य: 1 जुलाई 2025 से नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है। बिना आधार कार्ड सत्यापन के पैन कार्ड जारी नहीं होगा। मौजूदा पैन धारकों को 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक करना होगा। ऐसा न करने पर 1 जनवरी 2026 से पैन निष्क्रिय कर दिया जाएगा, जिसके कारण वित्तीय लेन-देन और आयकर रिटर्न दाखिल करना मुश्किल हो सकता है। निष्क्रिय पैन को 1000 रुपये का शुल्क देकर 30 दिनों में पुन: सक्रिय किया जा सकता है।
3.उच्च मूल्य के लेन-देन के लिए पैन अनिवार्य: 2.5 लाख रुपये से अधिक के वित्तीय लेन-देन, जैसे नकद जमा, क्रेडिट कार्ड भुगतान, या 30 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए पैन अनिवार्य है। बिना पैन के ऐसे लेन-देन पर उच्च कर कटौती (TDS) लागू होगी।
4.एक से अधिक पैन पर जुर्माना: एक व्यक्ति या संस्था के पास एक से अधिक पैन कार्ड होना गैरकानूनी है। ऐसा होने पर आपको 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
5.विशेष समूहों के लिए सुविधाएं: अब एकल माताएं अपने बच्चे के पैन कार्ड में पिता का नाम उल्लेख करने के बजाय माता का नाम दे सकती हैं। ट्रांसजेंडर के लिए भी पैन आवेदन में एक अलग विकल्प जोड़ा गया है।
6.मृत्यु के बाद पैन निष्क्रिय करना: किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उनके पैन को निष्क्रिय या सरेंडर करना अनिवार्य है। इसके लिए आपको मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ आवेदन करना होगा।
यह नियम वित्तीय पारदर्शिता, और डिजिटलीकरण और कर अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए हैं। पैन धारकों को समय पर आधार लिंकेज और नियमों का पालन करना चाहिए ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। अधिक जानकारी के लिए आप आयकर विभाग की वेबसाइट पर जा सकते है
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