“Ganesh Chaturthi 2025: Celebration, Rituals, and Significance”

गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार बुद्धि और समृद्धि के लिए होता है। लोग इस दिन गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं, और पूजा-अर्चना करते हैं और लड्डु का भोग लगाते हैं। यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है।

“Ganesh Chaturthi 2025: Celebration, Rituals, and Significance”

1.गणेश जी का दूसरा नाम विघ्नहर्ता है, जो लोगो के हर बाधाओं को दूर करते हैं।

2.गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं।

3.गणेश जी का वाहन मूषक चूहा है।

4.गणेश जी की पूजा हर शुभ कार्य से पहले की जाती है।

5.गणेश जी को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है।

6.गणेश जी का प्रमुख त्यौहार चतुर्थी है।

7.उनका एक दांत टूटने के कारण उन्हें एकदंत भी कहा जाता हैं।

8.गणेश जी बुद्धि और समृद्धि के देवता हैं।

9.गणेश जी का सर में हाथी का सिर लगा हुआ है।

10.उनकी उत्पत्ति माता पार्वती ने मिट्टी से की थी।

“Ganesh Chaturthi 2025: Celebration, Rituals, and Significance”

“Ganesh Chaturthi 2025: Celebration, Rituals, and Significance”

11.शिव जी ने गुस्से में उनका सिर काटा, फिर हाथी का सिर लगाया।

12.गणेश जी को गणपति, विनायक, लंबोदर जैसे नामों से भी जाने जाते हैं।

13.उनकी चार भुजाएँ हैं, जो उनके शक्ति का प्रतीक हैं।

14.वे (लडडू / मोदक)के शौकीन हैं।

15.गणेश पुराण में उनके जीवन का प्रमुख वर्णन किया गया है।

16.गणेश जी लेखन और कला के संरक्षक भी माने जाते हैं।

17.भगवान गणेश को 108 नामों से पूजा जाता है।

18.उनकी मूर्तियाँ विश्व भर में सबसे लोकप्रिय हैं।

19.वे मंगलमूर्ति के रूप में मंगलकारी हैं।

20.गणेश जी का चित्र घर के मुख्य द्वार पर लगाने से शुभ माना जाता है।

21.उनकी पूजा में दुवे और घास चढ़ाई जाती है।

22.वे व्यापार और समृद्धि के सबसे बड़ा देवता हैं।

23.गणेश जी का सबसे प्रिय और खास रंग लाल और पीला है।

25.उनकी मूर्ति में दाहिना सूंड शुभ माना जाता है।

26.गणेश जी की कथाओं का वर्णन पुराणों में वर्णित हैं।

27.भगवान गणेश को ऋद्धि-सिद्धि के स्वामी हैं।

28.गणेश जी का प्रतीक “ॐ” है।

29.उनकी पूजा में 21 लडडू चढ़ाए जाते हैं।

30.गणेश जी को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता हैं।

माता पार्वती ने एक बार स्नान करने से पहले अपनी मैल से एक सुंदर बालक का निर्माण किया और उसके बाद उसे जीवित करके अपने द्वार पर पहरेदार के रूप में नियुक्त कर दिया। उन्होंने उसे आदेश दिया था कि मैं जब तक बाहर ना आऊ तब तक किसी को भी अंदर न आने देना। उसके बाद ही भगवान शिव वहाँ आए, तो बालक गणेश ने भगवान शिव को अंदर जाने से रोक दिया। शिव को क्रोध आया और उन्होंने युद्ध में गणेश का सिर काट दिया। पार्वती को जब यह पता चला,कि भगवान शिव ने उनका सिर काट दिया तब वे बहुत दुखी हुईं और शिव से अपने पुत्र को जीवित करने की विनती की।

31.किताबों पर गणेश जी का चिह्न शुभ माना जाता है।

32.उनके पूजा में लड्डू और फल चढ़ाए जाते हैं।

33.गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए है।

34.गणेश जी की कथाएँ बच्चों को सबसे ज्यादा प्रिय लगता हैं।

35.वे दया और करुणा के सबसे बड़ा प्रतीक हैं।

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1 Comment

  1. BHARAT KUMAR

    Happy Ganesh Puja 🐀🐁🐁🐁
    Great sentence this was absolute best 👏👏 you my brother happy Ganesh Puja 🙏🙏🙏🙏

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