Krishna Janmashtami 2025: Date, Significance, and Celebrations

Krishna Janmashtami, also known as Janmashtami or Gokulashtami, is a major Hindu festival celebrating the birth of Lord Krishna, the eighth avatar of Vishnu. Observed on the eighth day (Ashtami) of the Krishna Paksha in the Bhadrapada month (August or September), it holds immense spiritual and cultural significance.

यह कृष्ण जन्माष्टमी कृष्ण की नटखट और बचपन की यादों को दर्शाती है, जो भक्तों को उनके भगवान के प्रति प्रेमभाव जगाती है।

1.कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व: यह भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है!
2.जन्म तिथि: यह भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है!
3.जन्म स्थान: कृष्ण का जन्म मथुरा में एक कारागार में हुआ, जहां उनके माता और पिता देवकी और वासुदेव को कैद किया गया था। कंश के द्वारा
4.कंस का भय: कृष्ण के मामा कंस को भविष्यवाणी थी कि कंस के मृत्यु देवकी के आठवें पुत्र द्वारा होगा।
5.आधी रात का जन्म: मान्यता है कि कृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ!
6.इसलिए इस समय विशेष पूजा की जाती है।
7.वासुदेव का साहस: वासुदेव ने कृष्ण को कंस से बचाने के लिए उन्हें यमुना नदी पार करके वृंदावन में नन्दलाल के यहां पहुंचा दिया।
8.शेषनाग की रक्षा: यमुना नदी पार करके जब कृष्ण को बासुदेव ले जा रहे थे तब शेषनाग ने कृष्ण को बारिश से बचाया।
9.नंद और यशोदा: वृंदावन में नंदलाल और यशोदा ने कृष्ण को अपना पुत्र के रूप में रखा और पाला ।
10.दही हांडी: महाराष्ट्र में दही हांडी की परंपरा है जो कृष्ण के माखन चोरी करने की शरारतों को दर्शाती है। जिसे लोग बहुत आनंद के साथ मनाते है!
11.रासलीला: रासलीला कृष्ण के बचपन और युवावस्था की कहानियों को दर्शाते हैं। जो बचपन में कृष्ण द्वारा किया गया था!11.रासलीला: रासलीला कृष्ण के बचपन और युवावस्था की कहानियों को दर्शाते हैं। जो बचपन में कृष्ण द्वारा किया गया था!
12.मथुरा और वृंदावन: ये स्थान कृष्ण के जन्म और बचपन के लिए जाना जाता हैं। जहां मथुरा में कृष्ण का जन्म हुआ और वृंदावन में कृष्ण का जीवन बीता !
13.कृष्ण के 108 नाम: जैसे मोहन, गोविंद, और हरि, ये ज्यादा तर आपने भजनों में गाते हुए सुने होंगे!
14.कृष्ण मंत्र: हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे” मंत्र का जाप आम है। इस मंत्र को आम लोगों के द्वारा भी जाप किया जाता है
15.भागवद गीता पाठ: जिसमें भक्त कृष्ण और अर्जुन के संवाद के बारे में लिखा हैं।
16.तुलसी पूजा: तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु और उनके अवतारों से जुड़े होने के कारण अर्पित किए जाते हैं। जिसमें आप कृष्ण को भी तुलसी के पत्ते चढ़ा सकते हैं!
17.कृष्ण की लीलाएं: जैसे माखन चोरी, और गोपियों के संग रास लीला करना और अपने मित्रों के साथ खेलना उत्सव का मुख्य आकर्षण हैं।
18.कृष्ण के चमत्कार: महाभारत और हरिवंश में उनके चमत्कारों का वर्णन किया जाता है। जिसमें वे पाण्डव के साथ थे!
19.कृष्ण की बांसुरी: कृष्ण की बांसुरी की धुन प्रेम और भक्ति का प्रतीक हैं।
20.व्रत के प्रकार: कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग फल और दूध लेते हैं।
21.कृष्ण की शिक्षाएं: यह त्योहार प्रेम, शांति और धर्म के महत्व को दर्शाता है। जिससे आपको ये सिख मिलती है! की प्रेम , शांति और धर्म का क्या महत्व है लोगों की जिंदगी में
22.कृष्ण के 16,108 पत्नियां थी: जिसमें आठ मुख्य पत्नियां थीं, जिन्हें अष्टभर्या कहा जाता है।
23.मथुरा का महत्व: मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर स्थल है।
24.वृंदावन की रासलीला: वृंदावन में कृष्ण के लिए रासलीला का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है और कृष्ण के रासलीला का महत्व भी है।
25.राधा अष्टमी: राधा का जन्मोत्सव भी जन्माष्टमी से संबंधित है।

Happy Krishna Janamashtami ! Krishna imege

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