
.बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम, जिसे माता सीता की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है, जो अब एक भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित होने जा रहा है। 1 जुलाई 2025 को बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में, पुनौरा धाम जानकी मंदिर के समग्र विकास के लिए 882.87 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई। इस परियोजना का लक्ष्य मंदिर को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की तर्ज पर एक भव्य स्वरूप देना है, जिसका शिलान्यास अगस्त 2025 में प्रस्तावित है।
.इस योजना के तहत 137 करोड़ रुपये मौजूदा मंदिर के नवीकरण और सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 728 करोड़ रुपये पर्यटक सुविधाओं के विकास पर केंद्रित होंगे। इन सुविधाओं में सीता-वाटिका, लव-कुश वाटिका, परिक्रमा पथ, कैफेटेरिया, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, और आधुनिक पार्किंग सुविधाएं भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम स्थल का भी विशेष, ध्यान केंद्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सभागार भी बनाए जाएंगे। यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन देगी।
.बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) को इस परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए श्री जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम मंदिर न्यास समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष बिहार के मुख्य सचिव हैं। इस समिति में पर्यटन, सड़क निर्माण, शहरी विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। मंदिर परिसर के लिए वर्तमान में 17 एकड़ जमीन उपलब्ध है, और अतिरिक्त 50 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
.पुनौरा धाम को अयोध्या से जोड़ने के लिए राम-जानकी मार्ग का निर्माण भी प्रगति पर है। यह 240 किलोमीटर लंबा मार्ग, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 6155 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, अयोध्या के राम मंदिर और पुनौरा धाम को जोड़ेगा। यह सड़क तीर्थयात्रियों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी और रामायण सर्किट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी, जो अयोध्या, सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर को आपस में जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इस परियोजना को बिहारवासियों और देशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया। के नक्शे पर एक नई पहचान देगा।
अगर आपने इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ा है तो यहां क्लिक करें